पार्टी कार्यकर्ताओं का आरोप है कि सरकार द्वारा कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर जनता की आवाज़ को अनसुना किया जा रहा है, जिससे स्थानीय स्तर पर असंतोष बढ़ रहा है।
कांग्रेस नेताओं के अनुसार, लोकभवन धरना के जरिये वे प्रदेश सरकार से बेरोज़गारी, कृषि समस्याओं, बिजली एवं पानी की समस्याओं जैसे मुद्दों पर समाधान की मांग करेंगे। स्थानीय कार्यकर्ताओं ने प्रदेश अध्यक्ष तथा वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठकें कीं और रणनीति तय की कि किस प्रकार पूरे हरिद्वार में इस विरोध प्रदर्शन को बड़ा रूप दिया जाए।
धरना-प्रदर्शन में कई सामाजिक संगठन, श्रमिक संघ तथा विद्यार्थी भी हिस्सा लेंगे, जिससे यह आंदोलन राजनीतिक एवं सामाजिक आंदोलन का रूप लेने लगा है। कांग्रेस ने प्रशासन को पूर्व सूचना देते हुए भी कानून व्यवस्था का ध्यान रखने का आग्रह किया है।
इस तैयारी ने हरिद्वार में राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है, जिससे आने वाले दिनों में स्थिति को लेकर नजरें टिकी हुई हैं।