जनपदीय ब्राह्मण सभा शाखा रुड़की द्वारा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के एक प्रस्तावित नियम के विरोध में राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा गया। संस्था ने इस नियम पर तत्काल रोक लगाने की मांग करते हुए आशंका जताई कि इसका दुरुपयोग हो सकता है।
संस्था के अध्यक्ष देवेंद्र शर्मा एवं महामंत्री सचिन पंडित ने कहा कि उक्त नियम समाज में असमानता को बढ़ावा दे सकता है और इससे सामाजिक संतुलन प्रभावित होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि इस नियम के लागू होने से स्वर्ण समाज के शोषण की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।
संस्था के संरक्षक सौरभ भूषण शर्मा एवं पूर्व अध्यक्ष ऋषिपाल शर्मा ने इसे सनातन धर्म को विभाजित करने की साजिश करार दिया। वहीं राजेश कपिल और ईश्वर चंद्र शर्मा ने कहा कि सरकार को इस नियम पर गंभीरता से पुनर्विचार करते हुए इसे तत्काल स्थगित करना चाहिए।
सभा के सदस्यों लालाराम शर्मा, रामदेव शर्मा, सतीश शर्मा एवं मनीष कौशिक ने चेतावनी दी कि यदि सरकार द्वारा शीघ्र कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो ब्राह्मण समाज अन्य सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर आंदोलन करने को विवश होगा।
इस अवसर पर सौरभ भूषण शर्मा, राजेश कपिल, ऋषिपाल शर्मा, रामदेव शर्मा, मनीष कौशिक, लालाराम शर्मा, देवेंद्र शर्मा, सतीश शर्मा, ईश्वर चंद शर्मा, सचिन पंडित, सुमित भारद्वाज, विभोर अग्रवाल, विशाल गुप्ता, श्रद्धा हिंदू, मधु शर्मा सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।
ज्ञापन डाक के माध्यम से राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री को प्रेषित किया गया।